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एनएसडी में 14वें थिएटर उत्सव का आयोजन

8 जनवरी से 22 जनवरी तक 'भारत रंग महोत्सव' में होगा कला का मंचन

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (एनएसडी) में रविवार 8 जनवरी से 14वें थिएटर  महोत्सव का आयोजन किया जाएगा | इस दौरान देश के अलग-अलग  हिस्सों से आए कलाकार अपनी कला का परिचय थिएटर प्ले के जरिये देंगे | हर साल होने वाले इस महोत्सव के पहले दिन यानी रविवार 8 जनवरी को 'किंग ऑफ़ द डार्क चेंबर' नामक प्ले का मंचन किया जाएगा | रविन्द्र नाथ टैगोर द्वारा लिखी इस कहानी को जीवंत रूप देंगे मणिपुर के 'कोरस रिपर्टरी ग्रुप' |  यह प्ले रतन थियम द्वारा डायरेक्ट किया गया है | एनएसडी के मीडिया प्रवक्ता ए. के. वेहुरा ने बताया कि इस साल करीब 90 से भी ज्यादा बेहतरीन प्ले को मंचन करने का मौका दिया गया है |पूरे 15 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में  थिएटर जगत और फिल्म जगत के कई नामी गिरामी हस्तियाँ शिरकत करेंगी | उधर थिएटर प्रेमियों में पूरे साल इंतज़ार रहने वाले इस बेहतरीन महोत्सव के शुरू होने की  खबर मिलते ही ख़ुशी और जोश का माहौल दिख रहा है | यह वही मौका है, जब फिल्म जगत को सपना मानने वाले थिएटर कलाकार अपने आइडल और इन्स्पिरेशनल एक्टर्स से रु-ब-रु होते हैं |

 

 

 

 

डीयू में अब ग्रेजुएशन चार साल का

2013 के सत्र से होगा लागू

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी में इन दिनों एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है | यूनिवर्सिटी अपने तीन साल के ग्रेजुएशन का करिकुलम चेंज करने के मूड में है | जी हाँ, आने वाले दिनों में ग्रेजुएशन के लिए एक साल एक्स्ट्रा देना होगा | यूनिवर्सिटी एक ऐसे प्रोजेक्ट पर वर्क कर रहा है जिसके तहत स्टूडेंट्स चार साल में अपना ग्रेजुएशन कर सकेंगे | बताया जा रहा है कि इस नए प्रॉसेस का स्टूडेंट्स को बेहद फायदा होगा | यूनिवर्सिटी का यह भी कहना है कि इस प्रॉसेस से स्टूडेंट्स मल्टी टास्किंग बनेंगे | यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार  इस नए प्रॉसेस के तहत स्टूडेंट्स को दूसरे साल में अपने कोर्स में स्पेशलाइज्ड सब्जेक्ट चुनने का मौका मिलेगा | इतना ही नहीं अगर कोई स्टूडेंट्स दूसरे साल में ड्रॉप करना चाहे तो वह डिप्लोमा का हक़दार होगा | यदि स्टूडेंट्स तीसरे साल के बाद कोर्स छोड़ते है तो उन्हें उस कोर्स का जेनरल डिग्री दिया जाएगा | और तीसरा प्रावधान यह है कि यदि स्टूडेंट्स पूरे चार साल तक की पढ़ाई करता है तो उसे उस कोर्स का ऑनर्स डिग्री दिया जाएगा |

 

 

 

हिन्दू और किरोड़ीमल के प्रिंसिपलों को नोटिस

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के हिन्दू कॉलेज व किरोड़ीमल कॉलेज के प्रिंसिपलों को डीयू ने नोटिस भेजा है | मामला कॉलेज खुलने के बाद वर्किंग आवर में कॉलेज से स्टूडेंट्स व  टीचर्स के अनुपस्थिति का है | दरअसल डीयू में एग्जाम के बाद सभी कॉलेज 2 जनवरी को खुल गए | कॉलेज में चाक चौबंद का पता लगाने के मकसद से डीयू के वीसी ने उसी दिन नॉर्थ कैम्पस के कई कॉलेजों में सरप्राइज विजिट लगा दी | उधर वीसी के ऐसे किसी विजिट से अंजान नॉर्थ कैम्पस के कई कॉलेज में स्टूडेंट्स अपने क्लास से नदारद मिले | इतना ही नहीं, कॉलेज के कई टीचर्स भी अनुपस्थित रहे | हद तो तब हो गई जब हिन्दू और केएमसी कॉलेज के प्रिंसिपल भी कॉलेज में नहीं मिले | इन दोनों कॉलेजों के इस रवैये पर वीसी ने अपना  कड़ा रुख  अपनाया है | वीसी दफ्तर से मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों कॉलेजों के प्रिंसिपलों को  यूनिवर्सिटी की ओर से नोटिस भेजा गया है | इस नोटिस में वीसी ने दोनों प्रिंसिपलों से एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है | इसी क्रम में नोटिस की एक कॉपी दोनों कॉलेजों के गवर्निंग बॉडी के चेयर मन को भी दे दी गयी है | यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि वीसी इस पूरे मसले को बेहद गंभीरता से ले रहे है | उन्होंने यह भी बताया की अगर दोनों कॉलेजों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दोनों प्रिंसिपलों पर कार्रवाई की जा सकती है |

 

 

 

डीयू में ग्रेडिंग सिस्टम की तैयारी

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के एजुकेशन करिकुलम में हर साल नए बदलाव किए जा रहे हैं | ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है ताकि डीयू की ग्लोबल होती छवि में और निखार लाया जा सके |  दरअसल डीयू में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के बाद यूनिवर्सिटी में ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने कि तैयारियां जोरो पर है | बताया जा रहा है कि यह फैसला डीयू के विभिन्न कॉलेजों के प्रिंसिपलों द्वारा की गई पहल के बाद लिया गया है | यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अभी अपने शुरुआती दौर से गुजर रहा है | वीसी ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी के तमाम कोर्सेस में ग्रेडिंग सिस्टम किस तरह से लागू किया जाए, इसके लिए एक्सपर्ट  कमेटी बनाई जाएगी | बताया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी का ग्रेडिंग सिस्टम स्कूल में दिए जाने जाने वाले ग्रेडिंग सिस्टम से बिलकुल अलग होगा | यहाँ हर सब्जेस्ट (कोर्स) के टॉप 5 पर्सेंट स्टूडेंट्स को आउटस्टेंडिंग उसके बाद 15 पर्सेंट स्टूडेंट्स को वैरी गुड ग्रेड दिया जाएगा | उसके बाद 25 से 30 पर्सेंट स्टूडेंट्स को अलग से ग्रेड दिया जाएगा |

 

 

 

डीयू में प्लेसमेंट का दूसरा राउंड 7 जनवरी से

इस बार कई नामी गिरामी अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियां देंगी दस्तक

दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए प्लेसमेंट का सेकेंड राउंड शुरू हो गया है | कॉलेज में कम्पनियां पहुंच रही है | उधर यूनिवर्सिटी का सेंट्रल प्लेसमेंट सेल (सीपीसी) भी सात तारीख को प्लेसमेंट आयोजित कर रहा है | बताया जा रहा है कि सीपीसी के तहत तीन कम्पनियां रही हैं | खास बात यह है कि इस राउंड में 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स को जॉब मिलने कि उम्मीद है |

जानकारी के अनुसार, इस साल भी पिछले साल कि भांति विदेशी बैंको में डीयू के स्टूडेंट्स को काम करने का मौका मिल सकता है | हालाँकि यह भी बताया जा रहा है कि पिछली बार कि तरह इस बार स्टूडेंट्स को शायद विदेशों में नहीं बल्कि उसी कंपनी के भारतीय शाखा में काम करने का मौका दिया जा सकेगा | इस बात कि पुष्टि डोएचे बैंक ने कर भी दी है | दरअसल डोएचे बैंक ने पिछले साल अपने लंदन ब्रांच के लिए डीयू के स्टूडेंट्स का सिलेक्शन किया था | वहीँ इस बार बैंक के सूत्रों ने बताया है कि इस बार होने वाले प्लेसमेंट में डोएचे बैंक अपने मुंबई शाखा के लिए स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करेगी | इस बार के प्लेसमेंट में जर्मनी के एक नामी बैंक के आने कि खबर से भी स्टूडेंट्स में खासा उत्साह है |

 

 

फेस बुक करेगा डीयू के स्टूडेंट्स को मालामाल

आगामी कैम्पस प्लेसमेंट में मिल सकता है रेकॉर्ड सैलरी का ऑफर

पिछले दिनों आईआईटी के कुछ स्टूडेंट्स को फेस बुक ने मोटी सैलरी पर नौकरी ऑफर किया | इनमें आईआईटी कानपुर, खड़गपुर और आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स शामिल हैं | दरअसल सोशल नेटवर्किंग साईट्स में बेहद पॉपुलर हो चुके फेसबुक को अपना अलग मुकाम हासिल है | यही वजह है कि देश के बड़े से बड़े संस्थानों के स्टूडेंट्स फेसबुक में करियर शुरू करने से हिचकिचाते नज़र नहीं आते हैं | इसका जीता जागता उदहारण पिछले दिनों  आईआईटी में हुए प्लेसमेंट से दिया जा सकता है | सूत्रों कि मानें तो प्लेसमेंट के अगले चरण में फेसबुक डीयू तथा डीटीयू का रुख करने वाली है |  इस खबर से डीयू तथा  डीटीयू के स्टूडेंट्स में खासा उत्साह है| जानकारी के अनुसार, फेसबुक नॉर्थ कैम्पस के हंसराज तथा एसआरसी सी कॉलेज तथा दिल्ली टेकनॉलजिकल यूनिवर्सिटी से स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करने के मूड में है | देखने वाली बात यह है कि फेस बुक यहाँ से कितने स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करती है | बता दें कि डीयू में पिछले साल हुए प्लेसमेंट में कई बड़ी कंपनियों ने शिरकत किया था, जिनमे गूगल भी शामिल था | नॉर्थ कैम्पस के एसआरसीसी कॉलेज में एक स्टूडेंट्स को 24  लाख तक का पैकेज   ऑफर किया गया था, जो उस साल स्टूडेंट्स को मिले पैकेज में सबसे ज्यादा था |

 

 

रॉक और पॉप म्यूजिक की धुनों पर झूमते रहे छात्र

एबी ईएस कॉलेज में देर शाम तक चढ़ता रहा फेस्टी-नो-बीट्स का खुमार
गाजियाबाद के जाने माने एबीईएस (आईटी ) इंस्टीट्यूट में मनाये जा रहे फेस्ट के दुसरे दिन भी स्टूडेंट्स ने खूब धमाल मचाया | रविवार १३ नवम्बर को फेस्ट के अंतिम दिन अलग अलग कार्यक्रमों में स्टूडेंट्स ने जमकर भाग लिए| सुबह से शाम तक चलने वाले इस कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था | इस दिन रंगोली, मेहंदी, आर्ट अटैक, ग्लाईडर और पेपर प्रेजेंटेशन
इत्यादि का आयोजन किया गया | वैसे तो सभी प्रोग्राम ने मौज मस्ती की खूब छटा बिखेरी | सबसे ज्यादा मनोंरजन किया ए बीईएस के ही स्टूडेंट्स तरुण ने | दरअसल तरुण के गाए हुए गाने " पर्दा है पर्दा ....... ने एक बार फिर से सुनने वालो को पुराने melodiyas  गाने की याद दिला दी |

 

एग्जेक्युटिव एमबीए कोर्स का बढ़ रहा चलन

आईआईटी जैसे संस्थान भी करा रहे है पार्ट टाइम एमबीए प्रोग्राम

काम के साथ पढ़ाई करने का चलन शहरी काम काजी लोगों में बेहद पोपुलर है | इससे दोहरा फायदा है | एक ओर जहाँ जॉब एक्सपेरिएंस के साथ प्रोफाइल भी उप ग्रेड होता है, वही ऐसे कोर्स से सेल्फ कॉन्फीडेंस भी बढ़ता है | पार्ट टाइम कोर्स में एमबीए का बेहद क्रेज है | यही वजह है की आज देश के बड़े से बड़े शैक्षिक संस्थनो में पार्ट टाइम एमबीए कोर्स उपलब्ध है |
देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी के विभिन्न ब्रांचो में पार्ट टाइम एम बी ए का कोर्स कराया जाता है | बात करते हैं आई आई टी दिल्ली में कराये जाने वाले इस कोर्स के बारे में | 
संस्थान-- आई आई टी दिल्ली 
कोर्स का नाम-- पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट 
योग्यता-- इंजीनियरिंग के किसी भी निकाय में ग्रेजुएट 
अप्लाई कैसे करे --अप्लाई ऑनलाइन होगा 
लास्ट डेट-- 15 मार्च

 

एबीइएस में फेस्टी-नो-बीट्स की गूंज आज से

म्यूजिक, मस्ती और फन से सराबोर होंगे स्टूडेंट्स

कॉलेज फेस्ट का दौर शुरू हो चुका है | एक-एक कर के हर कॉलेज में फेस्ट की बयार पहुँचने लगी है | फेस्ट की मस्ती में डूब जाने को बेताब रहने वाले एबीइएस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के स्टूडेंट्स का इंतज़ार अब ख़त्म हो चूका है | गाज़ियाबाद के एक प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान के रूप में जाने जाने वाले इस कॉलेज में आज 12 नवम्बर को सालाना फेस्ट का आगाज़ हो रहा है | दो दिन तक चलने वाले इस फेस्ट में अनेको कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा | कॉलेज के ही स्टूडेंट तथा फेस्ट आयोजन समिति के सदस्य शिवम् ने बताया  कि हर साल की तरह इस बार भी  फेस्ट में स्टूडेंट्स को फुल एंटरटेनमेंट मिलेगा | बकौल शिवम् दो दिनों तक चलने वाले इस फेस्ट में स्टूडेंट्स के फुल एन्जॉयमेंट का पूरा ख्याल रखा गया है |

 

एसआरसीसी पर पुराने स्टूडेंट्स मेहरबान

कॉलेज से भले ही पास आउट हो जाते हैं पर कॉलेज से एक लगाव है जो हमेशा कायम रहता है | यह कथन सच साबित करते हैं डीयू नॉर्थ कैम्पस के जाने माने और प्रतिष्ठित कॉलेज एसआरसीसी के स्टूडेंट्स | दरअसल इस बार से एसआरसीसी के पुराने स्टूडेंट्स नए स्टूडेंट्स को नौकरियां दिलाने में मदद करेंगे | उल्लेखनीय है कि अपनी बहतरीन छवि और बेहतर शैक्षिक संस्थान का रूत्बा रखने वाले इस कॉलेज की अपनी एक अलग मुकाम हासिल है | यही वजह है कि हर साल यहाँ होने वाले कैम्पस प्लेसमेंट में देश की बड़ी  कम्पनियाँ हिस्सा लेती है | आज देश की कई ऐसी कम्पनियाँ है, जहाँ यहाँ के स्टूडेंट्स उचे ओहदे पर विराजमान हैं | इससे नए स्टूडेंट्स को  मोटिवेशन मिलता है | उधर पुराने स्टूडेंट्स की एक लॉबी है, जिन्होंने यह घोषणा किया है कि हर साल एसआरसीसी में होने वाले प्लेसमेंट में वो पुराने स्टूडेंट्स की मदद करेंगे | इससे न केवल कॉलेज की टेंशन कम हुई है, बल्कि नए स्टूडेंट्स को अपना फ्यूचर सिक्योर करने में बड़ा योगदान मिलता भी दिख रहा है | बताते चलें कि हर साल एसआरसीसी में मोटी सैलरी पर स्टूडेंट्स को बड़ी-बड़ी कंपनियों में जॉब मिलता  है | पिछले साल यहाँ के एक  स्टूडेंट को 22 लाख के सालाना पैकेज पर जॉब ऑफर हुआ था |

 

आईपीयू में होगी ट्रेडिंग की पढ़ाई

स्टॉक एक्सचेंज और ट्रेड में रूचि रखने वाले बना सकते हैं इसमें करियर

इन्द्रसप्रस्थ यूनिवर्सिटी में नए सेशन की तैयारियां जोरों पर है | खास बात यह है कि इस साल यूनिवर्सिटी कुछ नए की कोर्स भी शुरू करने के मूड में है | जानकारी के अनुसार, साल 2012 -13 के सेशन में यूनिवर्सिटी एक नए कोर्स के रूप में अंडरग्रेजुएट  लेवल पर फायनेंशियल एंड ट्रेड मार्केटिंग का नया कोर्स शुरू करने जा रही है | बताया गया है कि इससे जुड़ी सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है | इस कोर्स को बीबीए के एक नए  स्ट्रीम के रूप में तैयार किया गया है, जिसमे स्टूडेंट्स 2012 -13 सेशन के लिए एडमिशन ले सकते हैं |
गौरतलब है कि आईपी दिल्ली की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है | स्टूडेंट्स के बीच में आईपी का बेहद  क्रेज देखने को मिलता है | यही वजह है कि स्टॉक एक्सचेंज ने खुद इस कोर्स के लिए आईपी को अप्रोच किया था | कोर्स के जुड़ी कुरिकुलम के बारे में बताया गया है कि इसके तहत स्टूडेंट्स को स्टॉक एक्सचेंज तथा ट्रेड एंड मार्केटिंग की हर बारीकियों से रु-ब-रु कराया जाएगा, जिससे वो इस क्षेत्र में पारंगत बन सके | उल्लेखनीय है  कि स्टॉक एक्सचेंज की और से स्टूडेंट्स को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा |


 

हौसलों में दम हो तो हर मंजिल आसान है

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

कहते हैं, सिर्फ शारीरिक मजबूती ही इंसान को बलवान नहीं बनाता, इक्छा शक्ति का मज़बूत होना भी बहुत ज़रूरी है | यह कथन सही साबित करते है दिल्ली यूनिवर्सिटी के फिजिकली चैलेंज्ड स्टूडेंट्स | दरअसल डीयू  के इक्वल अपोर्चुनिटी सेल (ईओसी) की ओर से दो दिवसीय फेस्ट 'सृजन' का आयोजन किया जा रहा है | 12 और 13 नवम्बर को मनाये जाने वाले इस फेस्ट में अनेको कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा | इस दौरान शारीरिक तौर पर मजबूर स्टूडेंट्स अपनी खुबसूरत आवाज़ के हजारो रंग बिखेरेंगे साथ ही विभिन्न धुनों पर थिरकेंगे भी |
गौरतलब है कि डीयू के ईओसी की ओर से हर साल इस फेस्ट का आयोजन किया जाता है, जिसमें शारीरिक तौर पर अक्षम स्टूडेंट्स बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है | कार्यक्रम को दिल्ली के पीतमपुरा स्थित गुरु गोविन्द सिंह कॉलेज ऑडिटोरियम में संपन्न होगा | कार्यक्रम में आकर्षण होगा सलालुद्दीन पाशा के  'एबिलिटी अनलिमिटेड' के स्टूडेंट्स द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला क्लासिकल डांस परफोर्मेंस | इसमें खास बात यह है कि यह सभी स्टूडेंट्स व्हील चेयर का इस्तेमाल करते है |

 

जामिया में 16 नवम्बर को दीक्षांत समारोह

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आगामी १६ नवाम्बार को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा | बतौर चीफ गेस्ट दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तेजिंदर खन्ना मौजूद रहेंगे | इस मौके पर सेशन के  अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के 4294 डिग्री और डिप्लोमा स्टूडेंट्स को दिए जाएँगे | साथ ही 155 टॉपर स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल भी दिया जाएगा | वही 279 पीएचडी के स्टूडेंट्स को भी डिग्री दी जाएगी |

 

अब मेट्रो इंजीनियरिंग भी

इंजीनियर बनने की तमन्ना रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक खुशखबरी है | सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग के एक नए निकाय में करिअर बनाने का मौका मिलेगा | यानी बहुत जल्द देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में मेट्रो रेल इंजीनियरिंग का कोर्स शुरू होने जा रहा है | खास बात यह है कि इस बारे में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई)की और से भी हरी झंडी मिल गई है | गौरतलब है कि इंजीनियरिंग में करियर बनाने और मेट्रो रेल में बढ़ रही इंजीनियर्स की मांग को ध्यान में रख कर ऐसा किया जा रहा है | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एआईसीटीई  की ओर से कहा गया है कि विश्वविद्यालय इस कोर्स को शुरू कर सकते हैं जिसके लिए कोर्स की ढांचागत संरचना तैयार कर क्युरिकुलम डिजाइन कर सकते हैं |


 

डीटीयू में दाखिला ऑनलाइन

दिल्ली टेकनोलोजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) में इस साल अंडरग्रेजुएट के करीब 15 कोर्सेस में दाखिला ऑनलाइन होगा | इसके लिए स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन करना होगा तथा किस कोर्स में दाखिला लेना है इसकी जानकारी भी देनी होगी | गौरतलब है की डीटीयू में बीते साल भी ऑनलाइन प्रक्रिया से दाखिला लिया गया था |

 

एसओएल ने जारी किए बीए फ़ाइनल के रिजल्ट

दिल्ली यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ ओपन लर्निंग ने बीए फ़ाइनल का रिजल्ट घोषित कर दिया है | स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट एसओएल की वेबसाइट http://sol.du.ac.in पर देख सकते हैं |

 

डीयू में शुरू हुई प्लेसमेंट

20 स्टूडेंट्स को ऑन द स्पॉट जॉब ऑफर


डीयू में प्लेसमेंट का दौर फिर से शुरू हो चुका है | मंगलवार 8  नवम्बर को हुए प्लेसमेंट के पहले दिन ही चार बड़ी कंपनियों ने डीयू का रुख किया | डीयू के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर जे. एम्. खुराना के अनुसार पहले दिन  करीब 750 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें कई स्टुडेंट्स का चुनाव कंपनियों ने कर लिया है और फायनल सेलेक्शन के लिए दुबारा बुलाएंगी, वही 20 स्टूडेंट्स ऐसे है जिन्हें ऑफर लैटर मिल चुका है |
गौरतलब है कि डीयू में हर साल सैकड़ों स्टूडेंट्स को कैम्पस प्लेसमेंट के ज़रिये बड़ी कंपनियों में काम करने का मौका मिल जाता है | इस बार खास बात यह है कि इस साल से डीयू ओपन लर्निंग के स्टूडेंट्स को भी प्लेसमेंट में हिस्सा लेने का मौका दिया जा रहा है | ध्यान रहे कि डीयू में इस साल के प्लेसमेंट का दूसरा राउंड 29 नवम्बर को चलेगा |

 

वीकेंड बुक बाज़ार में दिखी युवाओं की भीड़

40 प्रकाशन तथा भारी डिस्काउंट के साथ कल्चरल प्रोग्राम्स रहा हिट


नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैम्पस में संपन्न तीन दिवसीय वीकेंड बुक बाज़ार में स्टूडेंट्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई | खास बात यह है की इसमें युवाओं का किताबो के प्रति लगाव देखने को मिला | यहाँ लगे 40 बड़े प्रकाशकों के स्टॉल्स में हर वर्ग के लिए किताबों मौजूद थी | कार्यक्रम का शुभारंभ डीयू के वीसी दिनेश सिंह ने किया | उन्होंने कहा कि किताबे जीवन परिवर्तन में सहायक होती है और हमें इनकी अहमियत को समझाना चाहिए | इस मौके पर सिंह ने बुक बाज़ार के आयोजको को यूथ को टार्गेट करने  की नसीहत भी दी | 
एनबीटी के असिस्टेंट डायरेक्टर अनिल खन्ना ने बताया कि वीकेंड बुक बाज़ार डीयू में बेहद पोपुलर है और हर वर्ग के लिए बेहतरीन कलेक्शन ही इसकी खासियत है | 
उधर डीयू के स्टूडेंट्स द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी फोक डांस ने भी खूब तालियाँ बटोरी |

 

आईपीयू में मिशन एडमिशन 15 जनवरी से

दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में आगामी सत्र 2012-2013 के लिए एडमिशन की तैयारियां शुरु कर दी गयी हैं | इसी क्रम में कई कोर्सेस के एंट्रेंस टेस्ट कि डेट भी घोषित कर दी गई है | यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट www.ipu.ac.in पर सारी जानकारियां अपलोड कर दी है | खास बात यह है कि स्टूडेंट्स ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों तरीके से अप्लाई कर सकते हैं |

एंट्रेंस टेस्ट डिटेल

एमबीए-- 4 फ़रवरी 
एमसीए-- 12 मई 
बीडीएस-- 13 मई 
बीसीए-- 19 मई 
बीएएलएलबी -- 20 मई 
बीबीए-- 26 मई 
बीएड-- 20 मई 
बीजेएमसी-- 27 मई 
बीटेक (बायोटेक) -- 27 मई 
बीटेक -- 2 जून 

 

डीयू के छात्रों को जापानी कंपनी का बुलावा

इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के छात्रों को जापान की एक कंपनी में काम करने का मौका मिलेगा | उल्लेखनीय है की हर साल डीयू प्लेसमेंट के तहत छात्रों को कई बाई कंपनियों में काम करने का मौका मिलता रहा है | खास बात यह है की अभी तक भारत की कम्पनियाँ ही डीयू को तरजीह देती रही है | लेकिन इस साल कुछ आया होने वाला है | दरअसल इस बार होने वाले डीयू प्लेसमेंट में जापान की एक कंपनी के आने की खबर मिली है | यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने बताया कि डीयू सेन्ट्रल प्लेसमेंट सेल के तहत इस बार जापान की एक बड़ी कंपनी यहाँ (डीयू) से 30 स्टूडेंट्स का चुनाव करेगी | जानकारी के अनुसार, चुने गए स्टूडेंट्स को कम से कम तीन सालों तक जापान में ही काम करना होगा, उसके बाद उन्हें दूसरे देश भी भेजा जा सकता है |
गौरतलब है कि डीयू में प्लेसमेंट इसी महीने की 8 तारीख से शुरू होने वाला है, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है |

 

जामिया ने मनाया 91वाँ स्थापना दिवस

 

Jamia

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में शनिवार 29 अक्टूबर को 91वाँ स्थापना दिवस मनाया गया | इस समारोह में बतौर चीफ गेस्ट सचिन पायलट (मिनीस्टर ऑफ़ स्टेट फॉर कम्युनिकेशन एंड इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी) ने शिरकत की | इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और उन्नति में जामिया का बड़ा योगदान रहा है | पायलट ने यह भी कहा कि जामिया की वैश्विक छवि को और निखारने के लिए तमाम सुविधाएँ मुहैया कराई जाएंगी | बकौल पायलट, जामिया को इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी के क्षेत्र में और सक्षम बनाने में किसी भी तरह की कमी नहीं की जाएगी | 
इस मौके पर जामिया के वाइस चांसलर नजीब जंग ने जामिया में शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में बताया | उन्होंने कहा की जामिया ने शुरू से ही स्टूडेंट्स को बेहतर शिक्षा देने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी निभाया है | 
इस विशेष कार्यक्रम में 'यूथ फॉर डेमोक्रेसी एंड सेकुलरिज्म' विषय पर चर्चा हुई, जिसमें सांसद सीताराम येचुरी ने अपने विचार रखे | बताते चलें कि जामिया में इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमे डे-नाइट क्रिकेट मैच आकर्षण का केंद्र रहा |

 

 

 

डीयू में सेमेस्टर एग्जाम 23 नवम्बर से

दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए सेमेस्टर एग्जाम 23 नवम्बर से शुरू हो जाएँगे | यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी के अनुसार, ऑनर्स और पास कोर्स के एग्जाम दो शिफ्ट में कराई जाएगी | बीए ऑनर्स और बी-कॉम ऑनर्स तथा साइंस कोर्स के एग्जाम सुबह 9:30 बजे से होगा | वहीं बीए प्रोग्राम और बीकॉम के एग्जाम दोपहर 2:30 बजे से होंगे | खास बात यह है की इस बार सेमेस्टर के एग्जाम 15 दिन में पूरे कर लिए जाएँगे | यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है की इस बार 20 दिसम्बर तक रिजल्ट घोषित भी कर लिए जाएँगे |

 

डीयू : रामानुजन के तथाकथित लेख पर गहराती राजनीति

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिस्ट्री ऑनर्स में पढ़ाए जा रहे रामानुजन के लेख '300  रामायण विद फाइव इग्जैम्पल' कई दिनों से सुर्ख़ियों में है। सोमवार को एबीवीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रामानुजन के लेख की घोर निंदा की । पार्टी के प्रदेश मंत्री रोहित चहल ने कहा कि विश्वविद्यालय को ऐसे किसी भी तथ्य को सिलेबस में जगह नहीं देना चाहिए जिससे किसी के भावना को चोट पहुंचे । इस मौके पर एबीवीपी कि ओर से डॉ. प्रवीण गर्ग तथा डीयू एकेडमिक काउंसिल के मेंबर डॉ. अजय भागी ने भी रामानुजन के लेख के प्रति विरोध जताया । हालाँकि एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के उस फैसले की सराहना की, जिसके तहत इस तथाकथित लेख को सिलेबस के हटाने की बात कही गयी है ।

उधर स्टूडेंट्स के एक अन्य दल ने विश्वविद्यालय के इस फैसले का विरोध जताया है और कहा है की ऐसे किसी भी विषय को सिलेबस से हटाना ठीक नहीं । दल ने सोमवार को डीयू के नॉर्थ कैम्पस स्थित आर्ट फैकल्टी में प्रोटेस्ट भी किया । इस दल के स्टूडेंट्स की मानें, तो रामानुजन की लिखी 300 रामायण में अगर कुछ भी गलत था तो उसे पहले ही सिलेबस में शामिल नहीं करना चाहिए था ।

 

ए बी ई एस के फेस्टीनो बीट्स 3.0 में मचेगी धूम

ए बी ई एस में इस बार होने वाले दो दिवसीय फेस्ट में जमकर धूम मचेगी |फेस्टीनो बीट्स नाम से प्रसिद्ध इस फेस्ट का आयोजन 12 नवम्बर से शुरू होकर13 नवम्बर तक चलेगा | स्टूडेंट्स ने बताया की इस बार के फेस्ट में बहुत कुछ खास होगा | इसी क्रम में स्टूडेंट्स ने फेस्ट की वेबसाइट भी लौंच कर दिया | www.abesit.in/fest पर फेस्ट से जुड़ी सारी जानकारियां ली जा सकती है |

 

रामानुजन के विवादास्पद लेख पर डीयू के शिक्षकों की एक मत


शिक्षकों ने कहा, सिलेबस में हुआ चेंज तो एकेडमिक काउंसिल को देना होगा जवाब


दिल्ली विश्वविद्यालय में इन दिनों रामानुजन की लिखी हुई '300 रामायण' पर चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है | उल्लेखनीय है की तथाकथित लेख पर चल रहे विवाद के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन इसे सिलेबस से तुरंत हटाने के मूड में है | नॉर्थ कैम्पस स्थित एक कॉलेज के इतिहास के प्रोफ़ेसर की माने तो लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का हक़ है | उन्होंने कहा की अगर रामानुजन की लेख में विवादास्पद तथ्य थे, तो उसे सिलेबस में लाना ही नहीं चाहिए था | डीयू की एकेडमिक काउंसिल को इस मामले में पूरा जिम्मेदार मानते हुए एक शिक्षक ने  कहा की अकेडमिक काउंसिल अब इस सिलेबस को हटाने को कह रहा है, जबकि इसी काउंसिल ने इस लेख को प्रकाशित होने दिया था | जानकारी के अनुसार डीयू हिस्ट्री विभाग के शिक्षकों ने कहा है कि अगर सिलेबस में कुछ भी बदलाव लाया गया, तो इसके खिलाफ आवाज़ उठाई जाएगी | इसी मामले को लेकर डीयू के शिक्षकों ने नॉर्थ कैम्पस में शुक्रवार एक मीटिंग बुलाई थी | उधर स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से  लेख के विरोध में नॉर्थ कैम्पस में 24 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा | बताते चले कि डीयू के हिस्ट्री ऑनर्स के सिलेबस में रामानुजन कि लिखी "300 रामायण" नामक लेख को शामिल किया गया है | इस लेख में लिखी हुई उनकी कुछ पंक्तियाँ आपत्तिजनक मानी जा रही हैं, जिसकी घोर निंदा हुई है |

 

डीयू : मंगलवार से शुरू हुई एलएलबी की काउंसलिंग

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में एक बार फिर से एलएलबी में दाखिले के लिए काउंसलिंग शुरू हो गयी है| फैकल्टी ऑफ़ लौ से मिली जानकारी के अनुसार पचास सीटों पर एलएलबी के लिए फिर से दाखिला लिया जाएगा | काउंसलिंग की यह प्रक्रिया आगामी तीन दिनों तक चलेगी जहाँ 1500 से ऊपर रैंक वाले स्टूडेन्ट्स को चांस दिया जाएगा |
गौरतलब है की इस पचास सीटों पर दाखिले के लिए बेहद उहापोह मचा हुआ था | दरअसल ये सीटें ओबीसी के स्टूडेन्ट्स की थीं जिन्हें भरा नहीं जा सका गया | ऐसे में स्टूडेन्ट्स की ये मांग थी की इन सीटों को सामान्य  में तब्दील कर दिया जाए | काफी कोशिशों के बाद भी फैकल्टी की तरफ से इस मामले पर कोई कार्यवाई नहीं हुई | अंततः मामला हाई कोर्ट में पंहुचा और हाई कोर्ट ने फैकल्टी ऑफ़ लौ को यह निर्देश दिया की ओबीसी की बची हुई पचास सीटों को सामान्य में तब्दील कर तत्काल दाखिला शुरू किया जाए | फैकल्टी ऑफ़ लौ के एक अधिकारी ने बताया की पचास सीटों के लिए स्टूडेन्ट्स की काउंसलिंग 20 अक्टूबर तक चलेगी |

 

 

प्रौक्टर ऑफिस के बाद अब डीन ऑफिस के शिफ्ट होने की बारी

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपनी ग्लोबल छवि को और निखारने के लिए हर संभव कोशिशें करता आया है | यही वजह है की डीयू में सौन्दर्यीकरण से लेकर भूमिकारूप व्यवस्थाओं के रख रखाव का पूरा ख्याल रखा जाता है | इसी क्रम में नॉर्थ कैम्पस स्थित  डीन ऑफिस को भी हाई टेक  करने की बातें ज़ोरों  पर है | बताया जा रहा है की जल्द ही डीन ऑफिस अपने नए रूप में नज़र आएगा | इसके लिए नए जगह की घोषणा भी कर दी गयी है | जानकारी के अनुसार नॉर्थ कैम्पस के कांफ्फेरेंस सेंटर की पहली मंजिल पर डीन ऑफिस के शिफ्ट होने की खबरें आ रही हैं | खास बात यह है की प्रौक्टर  ऑफिस भी शिफ्ट होकर यहीं पहुच गया है |

 

कैम्पस में चढ़ने लगा फेस्ट का फीवर

मिड जनवरी से शुरू हुए कैम्पस के कई बड़े फेस्ट, फ़रवरी और मार्च में भी मचेगी धूम
यूथवी संवददाता, नई दिल्ली
दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के फेस्ट का अपना अलग मज़ा है | एग्जाम टाइम ख़त्म हो गए हैं, और कैम्पस में हर तरफ फिर से चहल पहल शुरू हो गई है | नए सेमेस्टर में स्टूडेंट्स फिर से नए एनर्जी के साथ लौट आए हैं | ऐसे में फेस्ट की सरगर्मियां स्टूडेंट्स को फिर से तारो ताज़ा होने का एक बेहतरीन मौका देने जा रही है | स्टूडेंट्स भी फेस्ट की इस मस्ती में पूरी तरह सराबोर होने की तैयारी में हैं | आने वाले दिनों में डीयू के कुछ पोपुलर फेस्ट होने वाले हैं, जो इस प्रकार हैं,
रजनीगंधा
दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज
दो दशक पुराने और स्ट्रीट प्ले के लिए डीयू में पोपुलर रजनीगंधा 19 जनवरी से शुरू होगा और 21 जनवरी तक चलेगा | तीन दिवसीय इस फेस्ट में म्यूजिक डांस और मस्ती का फुल फ्लेवर मौजूद रहेगा | कॉलेज के स्टूडेंट और फेस्ट ऑर्गनाइजिंग कमेटी के प्रेसिडेंट भानु कुमार ने बताया कि हर साल कि तरह इस साल भी 40 के करीब कॉलेज इस फेस्ट में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे | रजनीगंधा में होने वाले कार्यक्रमों में स्ट्रीट प्ले, ऐड मैड, पेंटिंग, रॉक बैंड, फेस पेंटिंग, वेस्टर्न ग्रुप डांस और फोक डांस आकर्षण के केंद्र रहेंगे |
वाइब्रेशन
शिवाजी कॉलेज
दो दिवसीय इस फेस्ट का आयोजन 19 और 20 जनवरी को होगा | कार्यक्रम के पहले दिन जाने माने क्लासिकल सिंगर रितेश और रजनीश मिश्रा अपने संगीत का जौहर बिखेरेंगे | शिवाजी कॉलेज के इस फेस्ट में डीयू के कई कॉलेज हिस्सा लेंगे |
क्रॉसरोड्स
एसआरसीसी
नॉर्थ कैम्पस के सबसे बड़े फेस्ट में से एक इस फेस्ट का आयोजन 15 से 18 फ़रवरी तक किया जाएगा | चार दिवसीय इस फेस्ट में कई नामी हस्तियाँ शिरकत करेंगी |

 

फार्मेसी है बेहतरीन करियर ऑप्शन

यूथवी संवाददाता, नई दिल्ली

छात्र इन दिनों फार्मेसी को बेहतरीन करियर ऑप्शन के रूप में ले रहे है |फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रिज में हर रोज हो रहे नए अनुसंधान से जॉब के नए ऑप्शन सामने आ रहे हैं |

हाल के दौर में फार्मा फील्ड एक ऐसा करियर ऑप्शन है जो जॉब के मद्देनज़र एकदम सेफ है | ऐसा माना जा सकता है कि आने वाले दिनों में यह कोर्स सबसे ज्यादा जॉब ओरिएंटेड कोर्स के रूप में उभर कर सामने आएगा | इसकी एक वजह यह भी है कि कुछ ऐसे फील्ड हैं जिनमें जॉब हमेशा सेक्योर रहता है | फार्मा फील्ड भी उनमे एक है |मसलन चाहे कुछ भी जाये इंसान  दावा इलाज कराएगा ही | यही वजह है कि मंदी के दिनों में भी फार्मा फील्ड में इसका कोई खास असर नहीं दिखा | आज भारत में मेडिकल सेक्टर में बेहद तरक्की हो गयी है | रिसर्च के रोज नए ऑप्शन सामने आ रहे हैं | इस वजह से इस फील्ड में हमेशा ही स्मार्ट और टैलेंटेड स्टूडेंट्स की खोज रहती  है |

साइंस का फील्ड

यह पूरी तरह से साइंस के स्टूडेंट्स के लिए है | इस फील्ड में करियर बनाने के लिए बारहवीं तक साइंस का होना ज़रूरी है | बारहवीं के बाद दो साल का डिप्लोमा कोर्स (डी फार्मा ) या चार साल का बैचलर कोर्स (बी फार्मा) किया जा सकता है |

जॉब की संभावनाएं

इस कोर्स के बाद जॉब की कमी नहीं है | फार्मेसी की छोटी-बड़ी तमाम कंपनियों में आए दिन भर्तियाँ होती रहती है, जहाँ अच्छी सैलरी पर जॉब ऑफर किए जाते हैं |

ड्रग मैन्युफैक्चरिंग

यह इस फील्ड की अहम शाखा है |  इस क्षेत्र में मॉलिक्युलर बॉयोलोजिस्ट, फार्मेकोलोजिस्ट, टॉक्सिकोलोजिस्ट, मेडिकल इन्वेस्टिगेटर बन सकते हैं | इन सब में अलग अलग ढंग से काम करने का मौका मिलता है | कोई जीन की स्टडी के साथ ड्रग रिसर्च संबंधी मामलो में प्रोटीन के इस्तेमाल का अध्ययन करता है तो कोई इंसान के अंगों और टिश्यूज पर दवाइयों के प्रभाव का अध्ययन करता है |

क्वालिटी कंट्रोल

फार्मास्युटिकल फील्ड में इसकी खूब मांग है | दवाओं के रिसर्च और डिवेलपमेंट के अलावा यह सुनिश्चित करने की भी ज़रुरत होती है कि इन दवाइयों के जो नतीजे बताए जा रहे है, वे सुरक्षित और आशा के अनुरूप हैं | दावा के इन सब बारीकियों के अनालिसिस की जिम्मेदारी क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट की होती है |

रिसर्च एंड डेवलपमेंट

भारत मेडिकल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है | नतीजा यह है कि रिसर्च के ढेर सारे नए आयाम सामने आ रहे रहे हैं |

क्लीनिकल रिसर्च

जब नई दावा लॉन्च की जानी होती है, तो इससे पहले यह ज़रूर देखा जाता है कि दावा लोगों के लिए कितनी असरदार और सुरक्षित है | इसके लिए क्लीनिकल रिसर्च और ट्रायल होते हैं | इस तरह से क्लीनिकल रिसर्च को भी बेहतर ऑप्शन के तौर पर अपनाया जा सकता है |

फार्मासिस्ट

रिटेल सेक्टर में फार्मासिस्ट एक बिजनेस मैनेजर के तर्ज पर काम करता है |

कहाँ से करें यह कोर्स

देश में डी और बी फार्मा करने वाले संस्थानों की कमी नहीं है | यहाँ कुछ प्रमुख संस्थानों के नाम दिए जा रहे हैं |

> कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी , महरौली बदरपुर रोड, नई दिल्ली

> जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली

> दिल्ली यूनिवर्सिटी

> बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, रांची

> मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलोजी

> जाधवपुर यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल

> कॉलेज ऑफ़ फार्मास्युटिकल  साइंसेस, बहरामपुर, उड़ीसा

> कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, इंदौर

> विक्रम यूनिवर्सिटी, मंदसौर

> डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, इलाहबाद यूनिवर्सिटी

> बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी

> डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

> डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्युटिकल साइंस, आगरा यूनिवर्सिटी

> भगवन सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मेसी, देहरादून

> हिन्दू कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, सोनीपत

> डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार

> इंस्टीट्यूट ऑफ़ फार्मास्युटिकल साइंस, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़



 

 

 

 

"एन इवनिंग इन स्पिक मैके"

हौलिस्टिक फ़ूड सेंटर में रात के 8: 30 तक मिलता है खाना |
डीयू में खाने पीने के लिए कई अछे कैंटीन है जहाँ पर बेहतरीन और जाएकेदार खाना खाया जा सकता है | नॉर्थ कैम्पस  में आर्ट फैकल्टी 
 स्थित स्पिक मैके भी  उनमें से एक है | कई मामलो में तो यह कैंटीन सबसे अलग और यूनिक है | दरअसल यहाँ का बेहतर सर्विस और साफ़ सफाई इस कैंटीन को एक अलग कैटेगरी में लाकर खड़ा कर देता है | इससे bhi महत्वपूर्ण यह कि यहाँ का  बेहतरीन स्वाद स्टूडेंट्स को वर्षो से उनकी उंगलियाँ चाटने पर मजबूर करते आया  है |
आइये एक नजाए डालते है इस कैंटीन पर |
बात यहाँ  मिलने वाले फ़ूड से करते है |  स्पिक मैके कैंटीन में फ़ूड के कई वेराइटी है | नोर्थ इंडियन से साउथ इंडियन फ़ूड की अच्छी खासी रेंज यहाँ मिलती है | इडली सांभर, ढोकला, मैगी, दाल चावल, थाली स्टूडेंट्स के बीच में बेहद पोपुलर है | इसके अलावा पराठे और स्नैक्स के भी कई  वेराइटी हैं | यहाँ मिलने वाले ठन्डे और मीठे जूस को भी स्टूडेंट्स बेहद पसंद करते है | यू तो हम सब जानते है कि हर ढाबे या कैंटीन का  कुछ न कुछ फेमस ज़रूर है | यहाँ स्पिक मैके में मिलने वाले पिन्नी लड्डू का भी कुछ यही इमेज है | यू कहे तो इसके जायके के कायल स्टूडेंट्स इसपर दीवाने रहते है |

 

दीया तले अँधेरा साबित हुई अन्ना की टीम

शादाब आलम, नई दिल्ली

भारत देश में आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद कई आन्दोलन हुए हैं | जय प्रकाश, गाँधी,  भगत सिंह, तिलक और न जाने कितने महापुरुषों ने देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज़ उठाई | इन तमाम कोशिशों का मकसद था भारतवासियों को अंग्रेजों के ज़ुल्म से बचाना | खास बात यह है कि इस मुहीम में देश की जनता ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया |

आज़ादी के बाद भी यह सिलसिला रुका नहीं ! हर एक भारतवासी हमेशा से ही अपने हक़ के लिए लड़ता आया है | देश के विभिन्न तंत्रों एवं विधि व्यवस्थाओं में जब कभी भी थोड़ी बहुत ढील आई है, कहीं न कहीं इसका असर दिखा ज़रूर है | यही असर धीरे धीरे अपना विकराल रूप धारण कर लेता है और जब यह आम आदमी की ज़िन्दगी के आड़े आता है तब उठती है सिस्टम के खिलाफ आवाज़ | तब लोग सड़को पर उतरते हैं और मांगते है इंसाफ अपने हक़ का | यही वजह है की बेरोजगारी, गरीबी, विकास, भ्रष्टाचार और न जाने कितने मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज़ उठती रहती है | कईयों को तो इन्साफ मिला वहीँ ज्यादातार लोग भारतीय लोकतान्त्रिक संसदीय प्रणाली में न्यायपालिका के कार्य कि धीमी गति को कारण मानकार मन मसोस कर रह जाता है |

लेकिन कुछ दिनों पहले देश में कुछ ऐसा हुआ, जिसने सरकार की नींद उड़ा दी | अन्ना हजारे नाम के 75 साल के निहत्थे ने केंद्र सरकार तक की नींव हिला दी | देश में कैंसर की तरह फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना ने शंखनाद किया | इस बार मामला कुछ अलग था | अन्ना की कोशिशे रंग लाईं | धीरे-धीरे इस मुहीम में लोग जुड़ते गए और यह मुहीम एक बड़े आन्दोलन में तब्दील हो गया | हर आदमी अन्ना में खुद को ढूंढने लगा | अन्ना युवाओं के रोल मॉडल बन गए | कईयों ने तो अन्ना की तुलना गाँधी से कर दी | लोग इस तरह  सेंटीमेंटल हो गए की देश में आपात काल जैसी स्थिति पैदा हो गई |

मीडिया की नज़ारे  चौबीसों घंटे अन्ना पर थी | उधर आन्दोलन के उग्र रूप से सरकार और उसके नुमाइन्दों की बेचैनी बढ़ने लगी | मौके की नजाकत को देखते हुए सरकार को अन्ना के सामने झुकना ही पड़ा | अपनी आन्दोलन को एक दिशा मिलने से खुश अन्ना को यह भरोसा दिलाया गया की संसद के आने वाले नए सत्र में लोकपाल विधयक पर गभीरता से विचार होगा और इसे पारित भी किया जाएगा |
धीरे-धीरे वक़्त बीतता| सब लोग फिर से अपने-अपने काम में लग गए और "देखो क्या होता है" सोच कर इस एपिसोड को बंद कर दिया |
उधर टीम अन्ना ने शायद थोड़ी जल्दबाजी कर दी या फिर ओवर कांफिडेंट हो गए | कई बार तो ऐसा लगा जैसे टीम अन्ना अपने मार्ग से भटक गई हो | कभी किसी पार्टी से नाता नहीं रखे जाने का दावा करने वाली टीम अन्ना का हिसार में कॉंग्रेस के खिलाफ प्रचार करना बेहद भरी पड़ा | नतीजा यह हुआ की टीम अन्ना में विचारो में असहमति से एक बड़ा भूचाल आया और दो सदस्य राम गोपाल और राजेंद्र सिंह ने टीम से स्तीफा दे दिया | इतना ही नहीं, इससे पहले भी टीम अन्ना के भावी सदस्य संतोष हेगड़े भी टीम से खुद को अलग कर किया | वजह बताया गया अन्ना की आन्दोलन का मार्ग से भटक जाना | उधर टीम के दूसरे सदस्य सबक सिखने के बजाये हर रोज़ नई मुसीबत खड़ी कर रहे हैं | अरविन्द केजरीवाल पर इन्कम टैक्स के नोटिस का मामला हो या किरण वेदी के हवाई यात्रा में पैसो के हेर-फेर की बात हो, इन सबसे टीम अन्ना की मर्यादा धूमिल हुई है |मीडिया में खबरें दिखाए जाने के बाद से हर आदमी सोचने पर मजबूर हो गया है कि क्या अन्ना हजारे ने देश कि जनता के साथ विश्वासघात किया है ? क्या अन्ना और उनकी टीम ने पूरे देश को अँधेरे में रखा है ? या यह सब लोकपाल बिल पास न करने की सरकार की चाल है ? अभी कुछ समझ नहीं आ रहा | लेकिन एक बात तो सोचने योग्य है कि जब टीम अन्ना के सदस्य विवादों में घिर रहे थे, उस वक़्त अन्ना हजारे का मौन व्रत पर जाना सही था ?  अब अन्ना यह क्यों कह रहे है की आगे हम कांग्रेस या किसी पार्टी के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे | अगर यह गलत है तो हिसार में ऐसा क्यों हुआ?
इस पूरे एपीसोड़े में बड़े गड़बड़ झाले है | फ़िलहाल टीम अन्ना मुश्किल की घड़ी में है | यह तो वक़्त ही बताएगा की अन्ना के इस आन्दोलन का क्या निष्कर्ष निकलता है | अन्ना जनता के भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं ! लेकिन वर्तमान वस्तुस्थिति को देख कर आम आदमी का अन्ना और उनकी टीम को लेकर असमंजस में पड़ना स्वाभाविक कहा जा सकत है |

 

कनवर्जेंस 11 (Convergence 11)

शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ़ बिजनेस स्टडीज की ओर से दो दिवसीय बिजनेस वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा | यह आयोजन 4 नवम्बर से 5 नवम्बर तक चलेगा | इस कार्यक्रम में कई विषयों पर चर्चा की जाएगी | इनमें भारतीय अर्थव्यवस्था एवं भारतीय व्यापार बाज़ार पर मुख्य रूप से चर्चा होगी | इसके साथ ही आधुनिक व्यापार की नवीनतम संभावनाओं के साथ महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर्स तथा भारतीय बाज़ार में निवेश की बारीकियों पर भी गौर किया जाएगा | कार्यक्रम नॉर्थ कैम्पस स्थित वी पी पटेल चेस्ट के सभागार में आयोजित किया जाएगा |

 

हिंदी के शब्दों को सुर देती विदेशी आवाज़

बिते दिन रिलीज हुई शाहरुख़ खान की फिल्म 'रा-वन' (Ra-one) का गाना छम्मक छल्लो बेहद हिट हुआ है | वजह हैं गाने के बोल | लेकिन इससे भी खास बात है इस गाने को दी हुई आवाज़ | दरअसल इस गाने को पोपुलर होने के पीछे एक और वजह है और वह है विदेशी सिंगर द्वारा इस गाने का गया जाना | दुनिया के सुप्रसिद्ध सिंगर एकॉन ने इस गाने को अपनी खुबसूरत आवाज़ दी है | शायद यही वजह है की यह गाना हर वर्ग के लोगो की जुबान पर चढ़ गया है | इससे यह तो साफ़ है कि अब हिंदी फिल्मों और यहाँ के गाने की अहमियत विदेशी कलाकार भी समझने लगे हैं | हालाँकि यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी कलाकार ने हिंदी फिल्मों में अपनी भागीदारी दी हो |  अक्षय कि फिल्म 'ब्लू' में भी केली मिनाग का गाया हुआ गाना बेहद पोपुलर हुआ | वही धूम फिल्म में टाटा यंग का गाए हुए गाने को भी बेहद सराहा गया | कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि हिंदी फिल्मों में समय के साथ-साथ हमेशा से नए प्रयोग होते आए हैं | इसी क्रम में विदेशी सिंगर्स से गाना गवाने का चलन जोरो पर है |

 

क्या भारत में F1 रेस देश को अन्तर्राष्ट्रीय खेल के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा? क्या F1 आने वाले दिन

सोनल,सैयद हम्ज़ा
(1)  F1 रेस के पहले गजब का उत्साह है | निश्चित ही यह भारत में सफल होगा | लेकिन क्रिकेट से इसकी तुलना बेमानी होगी |
-- सैयद हम्ज़ा ,केएमसी, डीयू
(2) रफ़्तार से प्यार करने वालों के लिए यह एक बेहतर मौका है | यह गर्व की बात है कि दुनिया के मशहूर राइडर्स हमारे देश में  लगेंगे | --सोनल ,केएमसी, डीयू
पूर्वा सीमर
(3) F1 रेस की मैं दीवानी हूँ और बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूँ | वैसे मुझे क्रिकेट भी बहुत पसंद है |
-- पूर्वा सीमर, मिरांडा, डीयू
राधिका कम्मा

4) मैं क्रिकेट को एक सफल और यूथ का गेम मानती हूँ | वैसे F1 भी पैशनेट गेम है | लेकिन इसे जगह बनाने में थोडा वक़्त लगेगा |
-- राधिका कम्मा , मिरांडा, डीयू
(5) F1 रेस के भारतीय खेल की ग्लोबल छवि और निखरेगी | यह गर्व करने की बात है | बात क्रिकेट की करें, तो इस खेल को भी पोपुलर होने में वर्षो लगे हैं |
-- त्रिपुरारी कुमार
पत्रकार

6) क्रिकेट में करिअर बनाया जा सकता है | अभी F1 को करिअर के तौर पर लेने में वक़्त लगेगा | क्योंकि तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चालाने की परमिशन शायद ही कोई पैरेंट देंगे |
-- परमजीत कौर
खालसा, डीयू




 

कैम्पस में फेस्ट देने लगा दस्तक

नामचीन कम्पनियाँ दे रही हैं स्पोंसरशिप


कॉलेज में पढ़ने वालों के लिए फेस्ट एक जबरदस्त एक्सपेरिएंस होता है । यू कहे तो हर किसी को फेस्ट का बड़ी बेसब्री से इन्तजार रहता  है । जहाँ कॉलेज के बाकी स्टूडेंट्स फेस्ट की मस्ती में डूब जाना चाहते हैं, वहीँ कॉलेज के ही कुछ ऐसे स्टूडेंट्स होते है जों इसे आयोजित कराते हैं । ऐसे में आयोजको के लिए सबसे बड़ी समस्या होती है फंड जमा करने की । इस मामले में स्टूडेंट्स की मुश्किलें दूर करती है वैसी कम्पनियाँ, जो स्पोंसरशिप देती हैं । हाल के दिनों में बड़ी-बड़ी नामचीन कम्पनियाँ भी कॉलेज लेवल पर होने वाले फेस्ट पर पैसा खर्च करने को तैयार हैं ।
दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल साइंस (एम्स) के बहुचर्चित फेस्ट पल्स- 2011 (Pulse 2011) को कई बड़ी कंपनियों ने स्पोंसर किया . वैसे ही राजस्थान  स्थित बिट्स पिलानी के सुप्रसिद्ध फेस्ट ओएसिस (OASIS 2011) में भी कई बड़ी कंपनियों ने अपनी भागीदारी दी । खास बात यह है कि इस बार कई ऐसी कम्पनियाँ हैं, जिन्होंने पहली बार कॉलेज फेस्ट में पैसे दिए हैं । स्पोंसरशिप देने वाली इस साल कि कंपनियों में नोकिया (nokia), वाइल्ड स्टोन (wild stone), कूल एज (cool age), एमटीवी (MTv), टाटा (TATA), मोंटे कार्लो (monte carlo), भारत पेट्रोलियम (bharat petroleum ), लौजिटेक (logitech), नेस्ले (nestle), ओल्ड स्पाइस (old spice) का नाम सुर्ख़ियों में है । वहीं, मुफ्ती (mufti), अम्बुजा सीमेंट (ambuja cement), भेल (BHEL), एमटीएस (MTS), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), तथा मैक्ग्रा हिल (Mc Graw Hill) का नाम बतौर स्पोंसर सामने आ रहा है । कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि, कॉलेज के फेस्ट के बहाने बड़ी कम्पनियाँ यूथ के बीच पॉपुलर होने का मौका नहीं छोड़ना चाहती ।

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - Accolade

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - Acharya Habba

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - Sankalan

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - Inerzia

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - Innovision

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - ITS Fest

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ - UCMS Ripple

 

यूथ वी मीडिया पार्टनरशिप २०११ -Spandan

 

मीडिया पार्टनरशिप 2011 - Zest

 

डीयू मेट्रो स्टेशन यानी मस्ती का अड्डा

 

डीयू मेट्रो स्टेशन इन दिनों  स्टूडेंट्स का नया अड्डा बन गया है | सुबह से शाम तक यहाँ स्टूडेंट्स की भरी भीड़ देखी जा सकती है | दोस्तों के साथ बैठ कर घंटों गप्पे लड़ना एक ट्रेंड सा बन गया है | यूं कहें तो यह लेटेस्ट हैंग ओवर पॉइंट के तौर पर पोपुलर हो रहा है | दूर दराज से आये स्टूडेंट्स मेट्रो की सफ़र  से पहले यहाँ थोड़ी देर वक़्त बिताना पसंद करते हैं |
स्टॉल्स बढ़ाते हैं रौनक

स्टूडेंट्स की बढ़ रही भीड़ के मद्देनज़र यहाँ कई फ़ूड स्टॉल्स खुल गए हैं | मेट्रो पार्किंग से स्टेशन की ओर जाने वाले रस्ते में तीन चार फ़ूड स्टॉल्स खुल चुके हैं जहाँ से रिफ्रेशमेंट के सामान जैसे जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, बर्गर, पेटीज वगैरह ख़रीदा जा सकता है |
स्ट्रीट शॉपर्स की बल्ले बल्ले

नॉर्थ कैम्पस में स्ट्रीट शॉप्स का बेहद क्रेज़ है | खास तौर पर लड़कियां इसकी बेहद शौक़ीन होती हैं | सस्ते व लेटेस्ट एक्सेसरीज़ तथा जूलरी की नई रेंज के लिए लड़कियां इन शॉप्स पर धड़ल्ले से खरीदारी करती हैं | ऐसे में मेट्रो स्टेशन भी पीछे नहीं है | यहाँ भी कुछ स्ट्रीट शॉप्स  खुल  गए हैं जहाँ लड़कियों  की भारी भीड़ देखी जा सकती है | उधर दूकानदारो  की भी की चाँदी कट रही है |
क्या है खास

डीयू में हर जगह कुछ न कुछ फेमस है | मेट्रो स्टेशन पर भी दो चीज़ें हैं जो स्टूडेंट्स की पहली पसंद है | पहला है नींबू पानी (नींबू लेमन) और दूसरा है मोमो | स्टूडेंट्स यहाँ बड़े शौक से मोमो खाने आते हैं | मिरांडा हाउस की सोनल बताती हैं की कॉलेज के बाद घर जाते वक़्त मेट्रो स्टेशन पर मोमो चखने का मज़ा गजब का होता है | पूरा सफ़र आराम से कटता है | इसके अलावां यहाँ आइस टी, कॉफ़ी, कोल्ड कॉफ़ी, पेस्ट्रीज, केक और आइस क्रीम की कई वेराइटी उपलब्ध है |
कुल मिलकर यह कहा जा सकता है की मेट्रो ट्रेन ने एक ओर डीयू के स्टूडेंट्स को आरामदायक सफ़र करने की सुविधा दी है, वहीँ दूर तक फैले मेट्रो परिसर में स्टूडेंट्स को "चिल आउट" होने की सौगात भी दी है |

 

 

कैंपस में लगता है फैशन का चस्का

स्कूल ख़त्म करते ही कैम्पस में आने पर कई आज़ादी मिल जाती है | वो तमाम बंधन ख़त्म हो जाते हैं जो कभी स्कुल में होते थे |मसलन, अपने मर्जी के ड्रेस चुनने की पूरी आज़ादी होती है | यही वजह है की कैम्पस किसी भी लेटेस्ट फाशन को आने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता | ऑफ़ शोल्डर, बेयर बेक, शॉट्स, स्ट्रेप्लेस हॉट पैंट्स के साथ कैम्पस की अदाएं बेहद स्तैलिश हो जाती है | आइये नज़र डालते हैं इन दिनों के हॉट ट्रेंडी ड्रेसों पर |
डीयू में फाशन मौसम के हिसाब से होता है | गर्मी है तो गर्मी के लेटेस्ट ड्रेस कैम्पस में देखे जा सकते हैं | हालाँकि अभी सर्दी का मौसम शुरू होने वाला है, लेकिन अभी तक कैम्पस की गलियां हॉट दिख रही है | इन दिनों ऑफ़ शोल्डर, शॉर्ट स्कर्ट, जम्प शूट्स काफी पसंद किये जा रहे हैं | इसके अलावा मैक्सी, सूट्स के साथ डीप नेक का खूब चलन है | कैम्पस में मौसम के मिजाज़ को देखते हुए स्टूडेंट्स का डिमांड आरामदायक ड्रेस के साथ स्टाइलिश और ट्रेंडी दिखने का भी होता है |

स्टाइल में रहने का

कैम्पस में स्टाइल और फैशन के मामले में लड़कियां काफी आगे हैं | वैसे इसका ये मतलब नहीं है की लड़के स्टाइलिश नहीं होते| फर्क सिर्फ इतना है की लड़कियों के पास नए रेंज के ऑप्शंस बहुत होते है | इन दिनों लड़कियां शौर्ट्स स्कर्ट, लौंग स्कर्ट, एंकल लेंथ मिडी, हौल्टर नेक ड्रेस, प्रॉम्प ड्रेस, वाइड ट्राउजर वगैरह खूब चल रहा है | वैसे कॉटन कुर्तियाँ भी लड़कियों को खूब भा रहा है | इनमे मलमल फैब्रिक, लखनवी चिकन का भी बेहद चलन है |

लेटेस्ट कलर का चलन

अगर कलर्स की बात करें तो बेबी पिंक और लाइट स्काय ब्लू कलर का चलन इन दिनों कैम्पस में छाया हुआ है | वैसे तो कैजुअल और सोबर कलर का तो हमेशा ही ट्रेंड रहता है कैम्पस में | दूसरी ओर तरक्याइश, वाइट, ग्रे, पिंक, स्काय, लेमन, ऐश, और लावेंडर, का क्रेज काफी है | बेज पर्पल और ओरेंज के शेड्स भी काफी पसंद किये जा रहे हैं |

फैब्रिक व पैटर्न

वैसे तो समर ड्रेस में कोत्तों शिफौन व पोप्लिन जैसे फैब्रिक की पसंद किये जाते हैं | दरअसल, ये कम्फर्टेबल होने के साथ कूल लुक देते हैं और वेदर फ्रेंडली भी होते हैं | बात पैटर्न की करें तो प्लेन बेस पर ब्लैक कलर का ट्रेंड प्रिंट या अम्ब्रॉयडरी के  कम्बीनेशन को खूब पहना जा रहा है |

कुछ अलग यानी हॉट लुक के लिए

अगर आप सेक्सी या हॉट लगने की तमन्ना रखती हैं, तो शिमरिंग हाई थाई ड्रेस का ऑप्शन चुना जा सकता है | बेयर बैक भी जबरदस्त लुक देगा | लाइट क्रीम कलर किसी कोकटेल पार्टी पर पहना जा सकता है | वही मटैलिक और गौर्जिअस लुक के लिए स्कूप नेक और कैप स्लीव या स्लीवलेस ट्रेंडी लग सकता है |

 

लीबिया में तानाशाही हुकूमत का अंत

 


42 साल से सत्ता का कमान संभाल रहे गद्दाफी की गोली मार कर हत्या


दुनिया में अपनी तानाशाही मिजाज़ से मशहूर कर्नल मुअम्मर गद्दाफी, गुरुवार  20 अक्टूबर रात को करीब साढ़े आठ बजे (भारतीय समय के मुताबिक) अपने गृह शहर सिर्त में मारा गया | ख़बरों के मुताबिक गद्दाफी के सिर और पैर में गोली मार कर हत्या की गई | लीबिया के प्रधान मंत्री महमूद जिब्रील ने इसकी पुष्टि की | गद्दाफी के शव को लीबिया के शहर मिसराता ले जाया गया | इस वारदात के बाद से लीबिया के लोग जश्न मन रहे हैं | गौरतलब है की गद्दाफी ने वर्ष 1969 में लीबिआइ हुकूमत की बागडौर संभाली जिसने आगे चल कर वहां के संविधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया | बताते चलें की लीबिया में बिगड़े हालत के मद्देनज़र मार्च 2011 से ही गद्दाफी के खिलाफ आन्दोलन चल रहा था |

 

 

एचसीएल ने खोला दिल्ली एनसीआर का पहला प्रमुख स्टोर

प्रतिष्ठित कंपनी एच सी एल ने ग्राहकों को दिवाली की भेंट के  रूप में अपने नए विशिष्ट स्टोर का शुभारम्भ किया है | बुधवार 19 अक्टूबर को दिल्ली के नेहरु प्लेस मार्केट में शोरूम का उद्घाटन किया गया |  इस नए स्टोर में एचसीएल डेस्कटॉप, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल, मिनी लैपटॉप, आल इन वन और अन्य आईटी से जुड़ी चीज़ें खरीदीं जा सकती हैं |  खास बात यह है की अपने आप में यह स्टोर दिल्ली और एनसीआर का पहला प्रमुख स्टोर होगा जहाँ हर मॉडल व रेंज उपलब्ध होंगे | इस मौके पर एच सी एल के कार्यकारी अधिकारी हर्ष चिलाते व कंपनी के उपाध्यक्ष (हेड कंजूमर सम्प्यूटिंग)  प्रिंसी भटनागर मौजूद रहे | चिलाते ने कहा की उपभोक्ता बाज़ार के रूप में भारत में बेहतर रिटेल फ़ॉरमेट के लिए मांग तेज़ी से बढ़ रह है| इस अवसर पर कंपनी के उपाध्यक्ष भटनागर ने कहा की हम दिल्ली और एनसीआर का पहला फ्लैगशिप स्टोर की शुरुवात कर बेहद उत्साहित हैं | बकौल भटनागर कंपनी भारतीय ग्राहकों के साथ विगत तीन दशकों से जुड़ी हुई है जो ग्राहकों की पसंद नापसंद का हमेशा ख्याल किया है | उल्लेखनीय है की त्योहारी सत्र में जहाँ बाज़ार काफी गर्म है और कंपनी को इससे फायदा पहुँच सकता है, वही ग्राहकों को उत्पादों के बेहतर चुनाव का एक और ऑप्शन मिल गया है |

 

कैम्पस में दिल्ली 6 का मज़ा

दिल्ली 6 का नाम जुबान पर आते ही जामा मस्जिद और चांदनी चौक की याद आती है | फिर याद आता है वहां का लज़ीज़ खाना, जिसे याद करके ही मुह में पानी आ जाता है | चिकन बिरयानी, तंदूरी, चिकन फ्राई, शामी कबाब, टिक्का, मुगलई, कबाब, परांठे और न जाने कितने उम्दा खानों के लिए ये जगह फेमस है | अब इस जगह की खासियत कहें या बेहतरीन स्वाद यहाँ दूर दराज से खाने के शौक़ीन आते हैं | यूं कहे तो हर वर्ग के लोग इस स्वाद के कायल रहते हैं | बात अगर स्टूडेंट्स की करें तो शायद ही कोई स्टूडेंट ऐसा होगा जिसने यहाँ का स्वाद न चखा हो | कैम्पस में ऐसे स्टूडेंट्स की एक लम्बी चौड़ी फेहरिस्त तैयार की जा सकती है | कुछ तो ऐसे भी है जो यहाँ के रेगुलर विजिटर हैं | जो नहीं जा पाते, उसकी वजह समय की कमी बताते हैं | लेकिन डीयू के नॉर्थ कैम्पस के स्टूडेंट्स इस मामले में लकी हैं | ग्वायर हॉल के  अल बशीर का नाम तो काफी पोपुलर हो चुका है | मुगलई खाने के शौक़ीन यहाँ दिल्ली 6 का मज़ा ले रहे हैं | शायद यही वजह है की यहाँ हर वक़्त स्टूडेंट्स की भीड़ लगी रही है | दुकान के मलिन अहमद की माने, तो यहाँ का खाना स्टूडेंट्स को बहद पसंद है | बकौल अहमद यहाँ का चिकन बिरयानी और चिकन कोरमा स्टूडेंट्स कोई खूब भाता है |

हालाँकि यहाँ की साफ़ सफाई के कुछ स्टूडेंट्स अपनी नाक भौ चढ़ा सकते हैं | लकिन सौ बात की एक बात, जब मज़ा  दिल्ली 6 का लेना है  तो भैया स्वाद के साथ ये चीज़ तो आएगी ही |

 

जामिया : फिर से गरमाया स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन का मुद्दा

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर से विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन कराये जाने की अपनी मांगे तेज़ कर दी हैं | इस बाबत फोरम फॉर स्टूडेंट्स डेमोक्रेसी ( ऍफ़ एस डी) की ओर  से जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है |

उधर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई सुनवाई होती नहीं दिख रही है| एफ एस डी के सदस्य अफरोज आलम ने बताया की इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय चुप्पी साधे हुए है | बकौल अफरोज स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन के लिए स्टूडेंट्स के बड़े समूह का समर्थन प्राप्त है | बावजूद इसके वीसी की ओर से इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है |  इस पुरे मामले पर जामिया के प्रॉक्टर से हुई अपनी बातचीत के बारे में बताते हुए अफरोज ने कहा की विश्वविद्यालय प्रशासन स्टूडेंट्स  यूनियन इलेक्शन से जुड़ी पुरानी समस्यायों का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है |
गौरतलब है की जामिया में पिछले आठ सालों से स्टूडेंट्स यूनियन इलेक्शन नहीं हो रहा है | आलम यह है की हालिया दौर में जामिया में किसी भी तरह का स्टूडेंट्स यूनियन कार्यरत नहीं है | जामिया के स्टूडेंट्स इसे न सिर्फ विश्वविद्यालय की कमी मन रहे हैं, बल्कि भारत की लोकतान्त्रिक व्यवस्था का मेरुरज्जु देश की राजनीती में अपनी भागीदारी नहीं दे पाने पर स्वयं को उपेक्षित मान रहे हैं | ऐसा इसलिए क्यूंकि दिल्ली में स्थित  लगभग सभी विश्वविद्यालयों में स्टूडेंट्स यूनियन बेहद पोपुलर है जो कामो बेस देश की राजनीती में अपनी भागीदारी देता रहता हैं | इस बीच ऍफ़ एस डी के स्टूडेंट्स दिल्ली के दूसरे विश्वविद्यालयों में घूम कर स्टूडेंट्स का सपोर्ट मांग रहे हैं |